प्रश्न:
रैप्चर, महा-संकट (Great Tribulation), आर्मगेद्दोन का युद्ध, मसीह का हज़ार वर्ष का राज्य, गोग और मागोग का युद्ध, और श्वेत सिंहासन का न्याय—इनमें सबसे पहले क्या होगा और उनकी क्रमबद्धता क्या है?
रैप्चर वह समय है जब यीशु मसीह गुप्त रूप से आएँगे और अपने सच्चे विश्वासियों—जो उन्हें प्रभु और उद्धारकर्ता मान चुके हैं—को स्वर्ग में उठा ले जाएँगे (1 थिस्सलुनीकियों 4:16-17)। यह उनकी दिखाई देने वाली दूसरी आगमन से अलग है।
यीशु ने कहा कि “बहुत बुलाए जाते हैं पर थोड़े ही चुने जाते हैं” (मत्ती 22:14), क्योंकि उद्धार संकरे मार्ग से विश्वास और आज्ञाकारिता में चलने से मिलता है (लूका 13:24)।
“क्योंकि जब आज्ञा दी जायेगी… तब स्वयं प्रभु स्वर्ग से उतर आएगा… और जो मसीह में मरे हैं, वे पहले जी उठेंगे। तब हम… बादलों में उठा लिए जाएँगे… ताकि हवा में प्रभु से मिलें।” — 1 थिस्सलुनीकियों 4:16-17 (ERV-Hindi)
रैप्चर के बाद पृथ्वी पर सात वर्षों का भयानक क्लेश और न्याय का समय आएगा (दानिय्येल 9:27; प्रकाशितवाक्य 7:14)। इसी दौरान ख्रीस्त-विरोधी (Antichrist) सत्ता में आएगा और लोगों से अपनी उपासना करवाएगा, जिसमें “पशु का चिन्ह” भी शामिल होगा (प्रकाशितवाक्य 13:16-17)।
यह समय धोखे से भरा होगा। बहुत लोग ख्रीस्त-विरोधी की झूठी शांति से भ्रमित हो जाएँगे, जबकि बचे हुए धर्मी लोग अत्याचार सहेंगे।
“क्योंकि तब ऐसा बड़ा क्लेश होगा… जो न कभी हुआ है और न होगा।” — मत्ती 24:21 (ERV-Hindi)
“हाय उन पर जो यहोवा के दिन की इच्छा रखते हैं… वह दिन उजियाला नहीं, अँधियारा होगा।” — आमोस 5:18 (ERV-Hindi)
महा-संकट के अंत में दुष्ट शक्तियाँ एकत्र होकर यीशु मसीह के विरुद्ध युद्ध करेंगी, लेकिन यीशु महिमा और सामर्थ्य के साथ प्रकट होंगे (प्रकाशितवाक्य 19:11-16)। वे किसी हथियार से नहीं, बल्कि अपने वचन की शक्ति से शत्रुओं का नाश करेंगे।
“उसके मुँह से एक तीखी तलवार निकलती है जिससे वह जातियों को मार देगा… वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकोप की चक्की को रौंदता है।” — प्रकाशितवाक्य 19:15 (ERV-Hindi)
यह युद्ध दुष्टों की पूरी तरह हार के साथ समाप्त होगा।
आर्मगेद्दोन के बाद यीशु पृथ्वी पर अपना राज्य स्थापित करेंगे और एक हज़ार वर्षों तक राज करेंगे (प्रकाशितवाक्य 20:1-6)। इस समय शैतान बाँध दिया जाएगा ताकि वह राष्ट्रों को धोखा न दे सके।
यह समय शांति, न्याय, और परमेश्वर की मूल योजना की पुनर्स्थापना का होगा—कुछ हद तक अदन की वाटिका जैसा (यशायाह 11:6-9)।
“वे जीवित हुए और मसीह के साथ हज़ार वर्षों तक राज्य किया।” — प्रकाशितवाक्य 20:4 (ERV-Hindi)
हज़ार वर्ष पूरे होने पर शैतान थोड़े समय के लिए छोड़ा जाएगा और वह फिर राष्ट्रों को गुमराह करके परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह कराएगा (प्रकाशितवाक्य 20:7-8)।
परन्तु यह विद्रोह तुरंत ही स्वर्ग से आग गिरने पर समाप्त हो जाएगा।
“स्वर्ग से आग उतरी और उसने उन्हें भस्म कर दिया।” — प्रकाशितवाक्य 20:9 (ERV-Hindi)
यह अंतिम न्याय है जहाँ वे सब खड़े होंगे जो पहली पुनरुत्थान में शामिल नहीं थे। हर व्यक्ति का न्याय उसके कार्यों के अनुसार होगा, जैसा कि परमेश्वर की पुस्तकों में लिखा है (प्रकाशितवाक्य 20:11-13)।
यह परमेश्वर के न्याय की गंभीरता और अनन्त परिणामों की सच्चाई को दिखाता है।
“मरे हुए… अपने कामों के अनुसार न्याय में ठहराए गए।” — प्रकाशितवाक्य 20:12 (ERV-Hindi)
जो लोग परमेश्वर से अलग पाए जाएँगे, उन्हें आग की झील में डाल दिया जाएगा—जहाँ शैतान, उसके दूत और सब दुष्ट अनन्तकाल तक रहेंगे (प्रकाशितवाक्य 20:14-15)।
इसके बाद परमेश्वर नया स्वर्ग और नई पृथ्वी रचेंगे—जहाँ कोई मृत्यु, रोना, पीड़ा या पाप नहीं होगा (प्रकाशितवाक्य 21:1-4)।
“वह उनकी आँखों से सब आँसू पोंछ देगा… और फिर मृत्यु न होगी, न शोक, न रोना, न पीड़ा।” — प्रकाशितवाक्य 21:4 (ERV-Hindi)
“जो बातें न किसी ने देखीं, न किसी ने सुनीं और न किसी के मन में आईं—वे बातें परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिए तैयार की हैं।” — 1 कुरिन्थियों 2:9 (ERV-Hindi)
प्रभु आपको भरपूर आशीष दे।
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