क्या वास्तव में प्रभु की यह रीति थी कि वे सब्त रखें? (लूका 4:16)

क्या वास्तव में प्रभु की यह रीति थी कि वे सब्त रखें? (लूका 4:16)

बाइबिल बताती है कि प्रभु यीशु अक्सर सब्त के दिन सभा‑घर (सीनागॉग) में जाते थे। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि हम लोग भी उसी तरह सब्त पालन करना आवश्यक समझें?

लूका 4:16 (हिंदी बाइबिल)

“और वह नासरत में आया; जहाँ वह पाला‑पोसा गया था; और अपनी रीति के अनुसार सब्त के दिन आराधनालय में जा कर पढ़ने के लिये खड़ा हुआ।” (YouVersion | The Bible App | Bible.com)

पहली नज़र में यह ऐसा लग सकता है कि यीशु सब्त का पालन उसी तरह कर रहे थे जैसे यहूदी मूसा के कानून के अंतर्गत करते थे। लेकिन इसका आध्यात्मिक और सैद्धांतिक अर्थ समझना ज़रूरी है।


यीशु सब्त का प्रभु कैसे हैं?

लूका 6:5 (हिंदी बाइबिल)

“और उसने उनसे कहा, मनुष्य का पुत्र सब्त के दिन का भी प्रभु है।” (Bible Gateway)

यह वचन स्पष्ट करता है कि यीशु के पास सब्त के ऊपर अधिकार है — सब्त एक ऐसा नियम नहीं है जो उन्हें बाँधे, बल्कि वह इसे नियंत्रित कर सकते हैं।


सब्त क्यों बनाए गए थे?

मरकुस 2:27‑28 (हिंदी बाइबिल)

“और उसने उनसे कहा, सब्त मनुष्य के लिये बनाया गया है, न कि मनुष्य सब्त के लिये। इसलिये मनुष्य का पुत्र सब्त का भी प्रभु है।” (Bible Gateway)

प्रभु यीशु यह बता रहे हैं कि सब्त का मूल प्रयोजन मनुष्य के भले के लिये है — सब्त न तो कानूनी बोझ है और न ही मनुष्य को दास बनाता है।


तो यीशु सब्त के दिन सीनागॉग क्यों जाते थे?

सब्त के दिन, यहूदियों का मुख्य समुदाय सीनागॉग में इकट्ठा होता था ताकि वे परमेश्वर के वचन को सुन सकें। यह कार्य एक सामाजिक और व्यावहारिक निर्णय था, न कि कानूनन अपेक्षा — जैसे कोई प्रचारक आज उन दिनों प्रचार करता है जब ज़्यादा लोग घर पर होते हैं। (United Church of God)


प्रेरित भी सब्त के दिन क्यों उपदेश देते थे?

प्रेरित पॉल और अन्य भी सब्त के दिन सीनागॉग में जाते थे क्योंकि वही दिन था जब लोगों को वचन सुनने का अवसर मिलता था, न कि इसलिए कि उन्हें सब्त औपचारिक तौर पर पालन करना अनिवार्य था। (The Church of God International)


आज के मसीही विश्वासियों के लिए क्या?

कुलुस्सियों 2:16‑17 (हिंदी बाइबिल)

“इसलिये किसी को भी खाने‑पीने या पर्व या नए चाँद या सब्त के विषय में तुम्हारा कोई फैसला न करे। क्योंक़ ये सब आने वाली बातों की परछाईं हैं; पर मूल वस्तुएँ मसीह की हैं।” (BibleAsk)

यह स्पष्ट करता है कि नया नियम उन पुराने धार्मिक रीति‑रिवाज़ों को नए अनुयायियों के ऊपर कानूनी रूप से लागू करने की बात नहीं कहता। पुराने विधान केवल छाया थे; वास्तविकता मसीह में है। (BibleAsk)


ईब्रानियों में सच्चा विश्राम (Rest) क्या है?

इब्रानियों 4:9‑10 (हिंदी बाइबिल)

“इसलिये परमेश्वर के लोगों के लिये सब्त‑विश्राम शेष है; जो कोई परमेश्वर के विश्राम में प्रवेश करता है, वह भी अपने कर्मों से विश्राम करता है, जैसे परमेश्वर ने अपने कर्मों से विश्राम किया।”

यह दर्शाता है कि असली “सब्त का विश्राम” यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा प्राप्त किया जाता है — यह नियम पालन से नहीं, अपितु परमेश्वर के साथ शांति पाने से है।


निष्कर्ष

✔️ यीशु का सीनागॉग जाना उनकी रीति/आदत थी, पर यह नहीं दर्शाता कि सब्त का औपचारिक पालन आज के विश्वासियों पर अनिवार्य है। (YouVersion | The Bible App | Bible.com)
✔️ यीशु सब्त के प्रभु हैं, इसका मतलब है वह नियमों से ऊपर हैं और नियमों का उद्देश्य पूरा करते हैं। (Bible Gateway)
✔️ नए नियम में सब्त और अन्य धार्मिक विधियों के पालन को अब कानूनी रूप से धारण करने का नियम नहीं है। (BibleAsk)
✔️ हमारा सचमुच का विश्राम और फरिश्तापन यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा है।


यीशु आ रहे हैं।

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Ester yusufu editor

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