उत्पत्ति 10:25 के अनुसार “पृथ्वी का विभाजन” क्या अर्थ रखता है?

उत्पत्ति 10:25 के अनुसार “पृथ्वी का विभाजन” क्या अर्थ रखता है?

प्रश्न: उत्पत्ति 10:25 में लिखा है कि “धरती विभाजित हुई।” इसका वास्तविक अर्थ क्या है? क्या यह विभाजन भू‑भाग, महाद्वीपों का विभाजन था?

उत्तर: हमें इसे शास्त्रीय और सुसंगत संदर्भ में समझना चाहिए, और बाइबिल के पूरे प्रवाह के अनुसार व्याख्या करनी चाहिए — न कि केवल आधुनिक भौगोलॉफ़िकल दृष्टिकोण से।


📖 उत्पत्ति 10:25 (ERV‑Hindi)

एबेर को दो पुत्र हुए; एक का नाम पेलेग रखा गया, क्योंकि उसी के दिनों में पृथ्वी विभाजित हुई; और उसके भाई का नाम योकतान था। (Bible Gateway)

यहाँ “पृथ्वी विभाजित हुई” वाक्यांश (अर्थात ha‑aretz niflegah, निफ्लेगाह — “पृथ्वी विभाजित हुई”) का अर्थ भू‑खंडों के टूटने से नहीं, बल्कि मनुष्यों के विभाजन से लिया जाना चाहिए। (Bible Hub)


📜 बाइबिल का संदर्भ और अर्थ

1) बाइबिल का तत्काल संदर्भ

उत्पत्ति 10 कुलों, भाषाओं और राष्ट्रों की सूची देता है—जो नूह के पुत्रों के वंशजों से फैलते हैं। इसमें यह बताया गया है कि किस तरह लोगों के परिवार, भाषाएँ, देश और राष्ट्र पृथ्वी पर फैलते गए। (Bible Gateway)

यह स्पष्ट है कि भौगोलिक भूमि के भू‑विज्ञान की चर्चा वंशावली के विवरण के बीच नहीं आती।


2) बेबेल मीनार की कथा (उत्पत्ति 11:1–9)

बाइबिल के अगले अध्याय में यह विशेष उल्लेख मिलता है:
सारी पृथ्वी पर एक ही भाषा थी, और लोगों ने एक नगर और मीनार बनाने का प्रयास किया। लेकिन परमेश्वर ने उनकी भाषा को विभाजित कर दिया, जिससे वे एक दूसरे की बातें समझ न सकें, और वे पृथ्वी के सभी भागों में बिखर गए। (Bible Gateway)

यहाँ “पृथ्वी के विभाजन” का वास्तविक कारण भाषा के विभाजन और लोगों का फैल जाना है — न कि प्राकृतिक भू‑खंडों का जुदा हो जाना।


3) पेलेग का नाम और अर्थ

पेलेग (Peleg) का नाम “विभाजन” के अर्थ में रखा गया था — यह नाम उस घटना को स्मरण कराता है जब “धरा विभाजित हुई”— भाषा और लोगों के आधार पर। (wenstrom.org)

महान बाइबिल विद्वान इस वाक्यांश को यही बताते हैं कि यह विभाजन भाषा तथा लोगों के सामाजिक‑भूगोलिक विभाजन से जुड़ा है, न कि सात महाद्वीपों की भू‑विज्ञान विभाजन से। (Bible Hub)


📌 निष्कर्ष (प्राकृतिक हिन्दी भाव)

🔹 उत्पत्ति 10:25 में “पृथ्वी का विभाजन” भूभाग के टूटने का वर्णन नहीं करता।
🔹 यह एक बाइबिलीय दृष्टि से मानवता के विभाजन को बताता है — यानी भाषाओं, जातियों और समूहों के पृथ्वी के चारों ओर फैल जाने का समय, जब ईश्वर ने भाषा को भ्रमित किया और लोगों को अलग‑अलग स्थानों पर फैला दिया। (Bible Gateway)
🔹 यह विभाजन वर्तमान समय के सात महाद्वीपों की उत्पत्ति‑व्याख्या नहीं है, क्योंकि बाइबिल की प्राथमिक चिंता लोगों के फैलाव और राष्ट्रों की स्थापना है — न कि वैज्ञानिक भू‑विज्ञान। (wenstrom.org)

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Ester yusufu editor

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